भगवद गीता अध्याय 11.7~भगवान द्वारा अपने चतुर्भुज और सौम्य रूप का और विश्वरूप के दर्शन की महिमा का वर्णन

भगवद गीता अध्याय 11.7~भगवान द्वारा अपने चतुर्भुज और सौम्य रूप का और विश्वरूप के दर्शन की महिमा का वर्णन

अध्याय ग्यारह (Chapter -11) भगवद गीता अध्याय 11.7 में शलोक 47 से  शलोक 50 तक भगवान द्वारा अपने चतुर्भुज और सौम्य रूप …

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